प्रधानाचार्य जी का सन्देश
मानव मात्र में ही नहीं वरन् जीवन के प्रत्येक इकाई में विकास की संभावनाओं को उजागर करने के लिए शिक्षा एक अनिवार्य तत्व है। शिक्षाहीन व्यक्ति ऐसे व्यक्ति के समान है जो उड़ना तो चाहता है लेकिन उसके पंख ही नहीं है और जिनके पंख हैं वो उड़ तो सकते हैं लेकिन शिक्षा के बिना सही दिशा और वांछित लक्ष्य नहीं खोज सकते। ऐसी विषय स्थिति में समाज को सम्यक् दिशा प्रदान करने का गुरूतर दायित्व विद्यालयों एवं शिक्षकों के कंधों पर आ टिकता है। शिक्षा का उद्देश्य मात्र धनोपार्जन नहीं बल्कि छात्रों के शारीरिक, मानसिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास और परिष्कार का साधन है। कागज के टुकड़ों पर अंकित कुछ अंक उनका साध्य नहीं है, उनका साध्य है संस्कार युक्त सर्वांगीण शिक्षा जो निश्चित रूप से स्वगौरव से ऊपर उठती हुई राष्ट्रगौरव एवं मानवता के गौरव जैसे साध्य द्वारा मानव की चरम अपेक्षा की पूर्ति में सहायक बनती है। तीव्रता से परिवर्तित हो रहे ऐसे समय में आज आवश्यकता है ऐसी शिक्षा की जो संस्कारों एवं नैतिकता के धरातल पर टिकी हो, शिव संकल्पों से युक्त हो तथा वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत, भारतीय सांस्कृतिक चेतना एवं प्रखर तेजस्विता से युक्त नागरिक बन सके। ऐसी ही शिक्षा का वातावरण निर्मित करने के पुनीत कार्य में संलग्न है श्रेष्ठ मनीषी-चिन्तक परम पूज्य रज्जू भैया की तपस्थली पर उनकी आदरणीय माता ज्वाला देवी के शुभाशीष से अभिसिंचित ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कालेज सिविल लाइन्स प्रयास का सम्पूर्ण विद्यालय परिवार।
आपका पाल्य सर्वोन्मुखी प्रतिभा से युक्त हो, वह राम-कृष्ण, राणा-शिवा, विवेकानन्द-कलाम की परम्परा का संवाहक बने, ऐसी शिक्षा-दीक्षा प्रदान करना ही हमारा उद्देश्य है, पूर्ण विश्वास है कि इस कार्य में आपका सतत् सहयोग हमें अवश्य प्राप्त होगा। सहयोग की इसी अपेक्षा के साथ प्रस्तुत है विद्यालय की यह विवरणिका।
विक्रम बहादुर सिंह परिहार
प्रधानाचार्य